युवाओं की नई आवाज बनकर उभरे स्वयं शर्मा: इंदौर से लेकर राष्ट्रीय राजनीति तक का अभूतपूर्व सफर
इंदौर। भारतीय राजनीति के क्षितिज पर जब भी युवा नेतृत्व की बात आती है, तो अक्सर अनुभव की कमी का तर्क दिया जाता है। लेकिन मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर से एक ऐसा नाम उभरकर सामने आया है जिसने अपनी कार्यशैली और विजन से इस धारणा को बदल दिया है। हम बात कर रहे हैं स्वयं शर्मा की, जो वर्तमान में राष्ट्रीय विद्यार्थी मंच के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री के रूप में देश भर के युवाओं को नई दिशा दे रहे हैं।
जमीन से जुड़ा नेतृत्व और संघर्षपूर्ण सफर
24 अक्टूबर 2001 को आगर मालवा जिले के सोयत कला में जन्मे स्वयं शर्मा का झुकाव शुरू से ही समाज सेवा और जनहित के कार्यों की ओर रहा। उनकी विकास यात्रा संघर्ष और निरंतरता की मिसाल है। उन्होंने अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत जमीनी स्तर से की, जहाँ उन्होंने सबसे पहले जिला अध्यक्ष के रूप में अपनी सांगठनिक क्षमता का लोहा मनवाया। इसके बाद उनके काम को देखते हुए उन्हें प्रदेश महासचिव की जिम्मेदारी मिली और अब वे राष्ट्रीय स्तर पर संगठन की कमान संभाल रहे हैं।
शिक्षा के क्षेत्र में उन्होंने BNYS (बैचलर ऑफ नेचुरोपैथी एंड योगिक साइंसेज) जैसी प्रतिष्ठित डिग्री जोधपुर से प्राप्त की। स्वास्थ्य और आयुर्वेद की समझ रखने वाले स्वयं ने चिकित्सा के क्षेत्र के साथ-साथ समाज की ‘नब्ज’ को भी पहचाना और सक्रिय राजनीति व सामाजिक कार्यों में खुद को पूरी तरह समर्पित कर दिया।
‘विराट हिंदू सम्मेलन’: सांगठनिक शक्ति का परिचय
स्वयं शर्मा की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक इंदौर में आयोजित ‘विराट हिंदू सम्मेलन’ का सफल नेतृत्व रहा। जनवरी 2026 में आयोजित इस विशाल सभा ने न केवल उनकी नेतृत्व क्षमता को सिद्ध किया, बल्कि यह भी दिखाया कि वे समाज के विभिन्न वर्गों को एक सूत्र में पिरोने की कला जानते हैं। इस आयोजन के माध्यम से उन्होंने सामाजिक समरसता, सांस्कृतिक संरक्षण और युवाओं में राष्ट्र के प्रति गौरव की भावना जगाने का अद्भुत कार्य किया। उनके इस प्रयास की सराहना पूरे प्रदेश के वरिष्ठ राजनेताओं ने की।
राष्ट्रीय विद्यार्थी मंच में बड़ी जिम्मेदारी
स्वयं Sharma की सांगठनिक कुशलता का ही परिणाम है कि उन्हें बेहद कम उम्र में राष्ट्रीय विद्यार्थी मंच में राष्ट्रीय संगठन महामंत्री जैसी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई। इस पद पर रहते हुए उन्होंने न केवल छात्रों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया, बल्कि संगठन को एक नए और आधुनिक ढांचे में ढालने का काम भी किया है।
प्रमुख कार्यक्षेत्र:
• युवा लामबंदी: देश के अलग-अलग राज्यों में जाकर युवाओं को राष्ट्र निर्माण से जोड़ना।
• जमीनी विकास: इंदौर और मालवा क्षेत्र में सामुदायिक विकास और जागरूकता अभियानों का नेतृत्व।
• समाधानोन्मुखी दृष्टिकोण: जनता और प्रशासन के बीच एक मजबूत सेतु बनकर युवाओं के मुद्दों का त्वरित निराकरण।
विजन: पारदर्शी और जवाबदेह राजनीति
स्वयं शर्मा का मानना है कि राजनीति केवल सत्ता हासिल करने का जरिया नहीं, बल्कि सेवा का सबसे बड़ा माध्यम है। उनका विजन एक ऐसी ‘युवा संचालित नेतृत्व प्रणाली’ विकसित करना है जो वास्तविक मुद्दों और दीर्घकालिक विकास पर आधारित हो। वे अक्सर अपने संबोधन में ‘नेशन फर्स्ट’ (राष्ट्र प्रथम) के संकल्प को दोहराते हैं। वे कहते हैं,
“मेरा लक्ष्य एक ऐसी व्यवस्था बनाना है जहाँ हर युवा खुद को सुरक्षित महसूस करे और उसे अपनी प्रतिभा दिखाने के समान अवसर मिलें।”
डिजिटल उपस्थिति और निष्कर्ष
एक ‘सोशल वर्कर’ और ‘यूथ लीडर’ के रूप में स्वयं शर्मा ने यह साबित किया है कि अगर इरादे नेक हों, तो उम्र मायने नहीं रखती। इंस्टाग्राम, फेसबुक और एक्स (ट्विटर) जैसे प्लेटफॉर्म्स पर उनकी भारी सक्रियता यह दर्शाती है कि वे आधुनिक दौर की राजनीति के माहिर खिलाड़ी हैं। मध्य प्रदेश के इंदौर से शुरू हुआ उनका यह सफर अब राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना रहा है। आने वाले समय में वे देश की राजनीति में एक बड़ी और निर्णायक भूमिका निभाते नजर आ सकते हैं।
एक नजर में स्वयं शर्मा:
• पूरा नाम: स्वयं शर्मा
• जन्म तिथि: 24 अक्टूबर 2001
• शिक्षा: BNYS (DRSU, जोधपुर)
• वर्तमान पद: राष्ट्रीय संगठन महासचिव, राष्ट्रीय विद्यार्थी मंच
• मुख्य मूल्य: अखंडता, पारदर्शिता, राष्ट्रवाद और युवा सशक्तिकरण
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